संघ के पास है चरित्र
निर्माण की शक्ति
सनातन धर्म में भगवा का सम्मान करना हर सनातन धर्म में पैदा होने वाले जीव का परम कर्तव्य होना चाहिए / राष्ट्र से प्रेम वही कर सकता है जो उसे अपना मानता हो ,जो उसके कष्ट को समझता हो ,जो उसके दर्द को अपना दर्द समझता हो,जो उसे राष्ट्रमाता कहने में गर्वान्वित होता हो ,सनातन धर्म में माँ - बेटे का रिश्ता सारे रिश्तों से ऊपर होता है / देश कि सीमाओं पर सेना के जवान इसको भलीभांति समझते है और निभाते भी है उनके इस बलिदान की कीमत चंद पैसों से तौल दी जाती है / इन सबसे ऊपर है राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ जोकि बड़े ही कष्टों से जूझते हुए समाज के सभी वर्गों से जाति पांति से ऊपर उठकर राष्ट्र की रक्षा
के लिए उनको प्रेरणा देता है / परम आदर्शों जैसे -परिवार एवं समाज में भाई बहिनों से प्रेम तथा माता पिता का आदर भाव वुजुर्गों व् गुरुजनों का सम्मान ,परमात्मा से लगाव, पूजा पाठ में रूचि उच्च शिक्षा का महत्व को ध्यान रखते हुए , राष्ट्र सर्व प्रथम की विचार धारा उतपन्न करता है / भगवा के प्रति समर्पित ऐसा भाव कही और देखनों को नही मिलता है /

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